भारत हमारा देश है । हम सब भारतवासी भाई- बहिन हैं। हमें अपना देश प्राणों से भी प्यारा है। इसकी समृद्धि और संस्कृति पर हमें गर्व है । हम इसके सुयोग्य अधिकारी बनने का प्रयत्न सदा करते रहेंगे। हम अपने माता पिता, शिक्षकों एवं गुरुजनों का सदा आदर करेंगें और सबके साथ विनम्रता का व्यवहार करेंगें। हम अपने देश और देशवासियों के प्रति वफादार रहने की प्रतिज्ञा करते हैं उनके कल्याण और उनकी समृद्धि में ही हमारा सुख निहित है|
जय हिन्द
वह शक्ति हमें दो दयानिधे,
कर्तव्य मार्ग पर डट जायें सेवा 1
पर पर उपकार में हम, निज जीवन सफल बना जावें ।
हम दीन-दुखी, निबलों-विकलों, के सेवक बन सन्ताप हरें ।
जो हैं अटके भूले-भटके,
उनको तारे खुद तर जावें ।
वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्तत्य मार्ग पर डट जावें ।
छलदम्भ, द्वेष, पाखण्ड, झूठ, अन्याय से निशदिन दूर रहें । जीवन हो शुद्ध सरल अपना,
शुचि प्रेम सुधारस बरसावें ।
वह शक्ति हमें दो दयानिधे,
कर्तव्य मार्ग पर डट जावें ।
निज आन-मान मर्यादा का,
प्रभु ज्ञान रहे अभिमान रहे ।
जिस देश जाति में जन्म लिया बलिदान उसी पर हो जावें ।
वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्तव्य मार्ग सेवा डट जावें पर उपकार में हम, पर निज जीवन सफल बना जावें ।






